एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की

 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत जनभागीदारी को बढ़ावा देगा एमसीडी

 

नई दिल्ली, 16 सितंबर, 2026 –

नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खिरवार ने शहर की स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा तथा इसे और मजबूत करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में स्रोत पर कचरा पृथक्करण, जोनवार स्वच्छता योजनाओं, कूड़ा संवेदनशील बिंदुओं (जीवीपी) तथा द्वितीयक संग्रहण केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों की सफाई, कचरा संग्रहण एवं परिवहन, विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण तथा दिल्ली को बड़े पैमाने पर बिन-मुक्त बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

आयुक्त ने सभी जोनल उपायुक्तों को प्रत्येक वार्ड में मौजूदा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का आकलन कर वार्डवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें लगभग 5–6 किलोमीटर के दायरे में उपयुक्त भूमि/सुविधाओं की पहचान करना भी शामिल होगा, जहां जैव अपघटनीय/गीले कचरे के विकेंद्रीकृत उपचार के लिए सीबीजी, बायोगैस, कंपोस्टिंग तथा अन्य उपयुक्त तकनीकों का उपयोग किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को आरडब्ल्यूए/ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, अधिकृत एवं अनधिकृत कॉलोनियों, संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों, जेजे/झुग्गी बस्तियों, अस्पतालों, बाजारों/वाणिज्यिक तथा संस्थागत क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आवश्यकताओं के अनुरूप कचरा संग्रहण मॉडल अपनाने के निर्देश भी दिए।

संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों में, जहां पारंपरिक वाहन संचालित नहीं हो सकते, एमसीडी उपयुक्त मार्गों की पहचान कर छोटे अथवा विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों तथा अन्य उपयुक्त व्यवस्थाओं को तैनात करेगी, ताकि प्रभावी घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके और सड़क किनारे अथवा द्वितीयक डंपिंग को रोका जा सके। आयुक्त ने पारंपरिक सामुदायिक कूड़ेदानों पर निर्भरता को चरणबद्ध तरीके से कम कर मौजूदा स्तर के अधिकतम 20 प्रतिशत तक लाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके तहत तीन जोन में तीन माह के भीतर पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। बाजारों को भी निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था तथा समर्पित संग्रहण एवं परिवहन प्रोटोकॉल के माध्यम से चरणबद्ध रूप से बिन-मुक्त बनाया जाएगा।

आयुक्त ने आगे निर्देश दिए कि उपयुक्त स्थानों पर, विशेषकर अधिक आवाजाही वाले एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में, रात्रिकालीन सफाई तथा मशीनीकृत गीली सफाई की व्यवस्था शुरू अथवा सुदृढ़ की जाए। उन्होंने एमसीडी की 823 जीरो वेस्ट कॉलोनियों के मॉडल को दिल्ली के अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में दोहराने के निर्देश दिए तथा लक्षित जीरो वेस्ट कॉलोनियों के लिए आरडब्ल्यूए/एसोसिएशनों को श्रेडिंग मशीन उपलब्ध कराने की लागत एवं आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करने को कहा।

एमसीडी स्वच्छता ही सेवा-2026 में जनभागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ाएगा

आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि एमसीडी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किए जा रहे स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेगा। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है। अभियान के तहत स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों एवं कठिन/गंदे स्थानों का कायाकल्प, स्वच्छ सार्वजनिक स्थान, “स्वच्छ पाठशाला – युवा फॉर स्वच्छता”, नागरिक जागरूकता एवं जनभागीदारी तथा स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं की स्वच्छता गतिविधियों में भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत एमसीडी सफाई मित्रों के कल्याण एवं सम्मान से जुड़ी गतिविधियां, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 तथा चार-तरफा स्रोत पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग के संबंध में घर-घर जागरूकता अभियान, पौधारोपण अभियान, पर्यावरण-अनुकूल आयोजन तथा विश्व पर्यटन दिवस और स्वच्छ भारत दिवस पर विशेष गतिविधियां भी आयोजित करेगा। “कबाड़ से जुगाड़ – वेस्ट टू वेल्थ”, “कबाड़ से कला – वेस्ट टू आर्ट”, दान अभियान, आरआरआर गतिविधियां तथा प्लास्टिक रीसाइक्लिंग मेले जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जाएगा और स्वच्छता में जनभागीदारी को मजबूत किया जाएगा।

आयुक्त ने सभी जोनल उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा दिल्ली में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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