मुंबई , 17 अक्टूबर 2026 । बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन एक बार फिर चर्चा में हैं। मुंबई के जुहू इलाके में स्थित उनके बंगले के कुछ हिस्सों को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कथित अनधिकृत निर्माण के मामले में तोड़ दिया है। 17 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, नगर निगम ने यह कार्रवाई 12 अक्टूबर को की थी। इससे पहले 10 सितंबर को निर्माण कार्य रोकने और जरूरी दस्तावेज पेश करने का नोटिस जारी किया गया था।
मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक्टर अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम ने बंगले में किए गए निर्माण को तोड़ा है। आरोप है कि काम रोकने का नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण जारी था।
दैनिक भास्कर से बातचीत में अजय देवगन के पीआर पराग देसाई ने इन खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि अजय देवगन के बंगले में BMC की टीम नहीं आई। ये खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। जिस प्रॉपर्टी को लेकर खबरें आ रही हैं, वह अजय की है और उनके घर से थोड़ी ही दूर है। अजय ने उसे किराए पर दिया हुआ है। संभव है कि बीएमसी को उस प्रॉपर्टी में कुछ अनियमितताएं मिली हों, जिसके चलते कार्रवाई हुई हो।
7,802 वर्ग फुट का है जुहू स्थित बंगला
रिपोर्टों के अनुसार, अजय देवगन और काजोल का यह बंगला मुंबई के जुहू स्थित कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में है। इसका क्षेत्रफल लगभग 7,802 वर्ग फुट बताया गया है। बंगले में एक प्रस्तावित सैलून और स्पा के लिए बदलाव किए जा रहे थे।
BMC के मुताबिक, परिसर में अंदरूनी बदलाव, पार्टिशन वॉल बनाने, खिड़कियों में फेरबदल और अन्य निर्माण संबंधी काम के लिए जरूरी नगरपालिका मंजूरी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसी आधार पर नगर निगम ने निर्माण को कथित तौर पर अनधिकृत मानते हुए कार्रवाई की।
10 सितंबर को जारी किया गया था नोटिस
BMC ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत नोटिस जारी कर संबंधित लोगों को काम तुरंत रोकने और आवश्यक अनुमतियों व दस्तावेजों को पेश करने का निर्देश दिया था।
नगर निगम का कहना है कि नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। इसके बाद 12 अक्टूबर को बंगले के कुछ हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की गई। इस मामले में मुख्य विवाद निर्माण की मंजूरी और प्रस्तावित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर है।
रिपोर्टों के अनुसार, बंगले को फ्लोरियन ह्यूरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दिया गया था। यहां सैलून और स्पा शुरू करने की योजना थी। आवासीय सोसाइटी ने संपत्ति के व्यावसायिक इस्तेमाल और निर्माण में बदलावों को लेकर आपत्ति जताई थी।
सोसाइटी की ओर से पार्किंग, सुरक्षा और आसपास के निवासियों को होने वाली संभावित असुविधा को लेकर भी चिंताएं उठाई गईं। हालांकि, सोसाइटी की अनापत्ति और निर्माण या व्यावसायिक इस्तेमाल की नगरपालिका अनुमति अलग-अलग विषय हैं। इसी कारण संबंधित मंजूरियों की स्थिति इस विवाद का अहम हिस्सा बनी हुई है।
अजय देवगन के बंगले पर कार्रवाई क्यों अहम?
यह मामला बताता है कि मुंबई में किसी संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल करने या उसमें संरचनात्मक बदलाव करने के लिए सोसाइटी की अनापत्ति के अलावा संबंधित प्राधिकरणों की अनुमति भी जरूरी हो सकती है। सेलिब्रिटी की संपत्ति होने के बावजूद निर्माण नियमों से जुड़ी प्रक्रिया लागू रहती है।
BMC की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई का कारण कथित अनधिकृत निर्माण है; इसे अजय देवगन के खिलाफ किसी अन्य मामले से जोड़ने का कोई आधार सामने नहीं आया है।