इजराइली , 17 अक्टूबर 2026 । इंटरनेट पर दिखने वाले सामान्य विज्ञापन भी साइबर जासूसी का जरिया बन सकते हैं। हाल ही में सामने आई एक जांच में इजराइली डिजिटल विज्ञापन कंपनी Discover-Tech पर आरोप लगाया गया है कि उसने ऑनलाइन विज्ञापनों के नेटवर्क का इस्तेमाल यूजर्स की पहचान करने, उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने और कुछ चुनिंदा डिवाइस तक स्पाइवेयर पहुंचाने में मदद के लिए किया। 15 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, यह खुलासा कनाडा की साइबर सुरक्षा शोध संस्था Citizen Lab और विज्ञापन सुरक्षा कंपनी Confiant की जांच में हुआ। शोधकर्ताओं के निष्कर्षों ने ऑनलाइन विज्ञापन उद्योग की सुरक्षा और लोगों की डिजिटल निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
टोरंटो यूनिवर्सिटी की सिटिजन लैब की जांच में खुलासा हुआ है कि इजराइली कंपनी डिस्कवर टेक के विज्ञापनों के जरिए मोबाइल और कंप्यूटर में जासूसी मालवेयर (एक तरह का सॉफ्टवेयर) पहुंचाने की कोशिश की गई।
इसके लिए यूजर को विज्ञापन पर क्लिक करने की जरूरत भी नहीं थी। जांच में 1.20 लाख से ज्यादा वेबसाइटों और 75 हजार से ज्यादा ऐप पर ऐसे विज्ञापनों के रिकॉर्ड मिले।
इनमें संयुक्त राष्ट्र (UN) और नाटो के नेटवर्क तक विज्ञापन पहुंचने की बात भी सामने आई है। रिकॉर्ड में भारत में इस्तेमाल होने वाले ट्रूकॉलर, एमएक्स प्लेयर और लूडो स्टार जैसे ऐप भी शामिल हैं।
120,000 से ज्यादा वेबसाइटों और हजारों ऐप्स तक पहुंचे विज्ञापन
रिपोर्टों के मुताबिक, Discover-Tech के विज्ञापन साझेदारों के जरिए 1,20,000 से अधिक वेबसाइटों और लगभग 75,000 ऐप्स तक पहुंचे। इनमें सामान्य उत्पादों, जैसे मोबाइल फोन और ईयरबड्स के विज्ञापन भी शामिल थे। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए कुछ यूजर्स की पहचान और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि विज्ञापन नेटवर्क के जरिए कुछ स्मार्टफोन यूजर्स के फोन नंबर हासिल करने की कोशिश की गई। हालांकि, विज्ञापनों की कुल संख्या और नेटवर्क की पहुंच को सीधे इतने लोगों के डिवाइस संक्रमित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। निगरानी, पहचान संबंधी जानकारी जुटाने और स्पाइवेयर संक्रमण अलग-अलग गतिविधियां हैं।
अल जजीरा के पत्रकारों के डिवाइस भी निशाने पर
जांच का एक अहम हिस्सा कतर के मीडिया संस्थान अल जजीरा से जुड़ा है। Citizen Lab के अनुसार, 2024 और 2025 के दौरान संस्थान के कम से कम 45 विंडोज डिवाइस स्पाइवेयर से प्रभावित हुए। शोधकर्ताओं ने इन हमलों को इजराइली स्पाइवेयर कंपनी Candiru से जुड़े सॉफ्टवेयर और Discover-Tech के विज्ञापन नेटवर्क के साथ जोड़ा।
अल जजीरा ने अपने कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने की निंदा की और कहा कि वह अपने कर्मचारियों तथा सिस्टम की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है। इस खुलासे ने पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और संवेदनशील सूचनाओं पर काम करने वाले लोगों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
यूजर्स अपनी डिजिटल सुरक्षा कैसे बढ़ाएं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आम यूजर्स को अपने फोन और कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर अपडेट रखना चाहिए, भरोसेमंद सुरक्षा टूल का इस्तेमाल करना चाहिए और ऐप्स को केवल आधिकारिक स्रोतों से डाउनलोड करना चाहिए। विज्ञापन ट्रैकिंग सीमित करने और जोखिम वाले यूजर्स के लिए विज्ञापन अवरोधक टूल का उपयोग करने से कुछ जोखिम घट सकते हैं, हालांकि ये उपाय हर जीरो-क्लिक हमले को रोकने की गारंटी नहीं देते।
पत्रकारों, सरकारी अधिकारियों और संवेदनशील सूचनाओं के साथ काम करने वाले लोगों को विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए। इस मामले का सबसे बड़ा सबक यह है कि ऑनलाइन विज्ञापन केवल मार्केटिंग का माध्यम नहीं रह गए हैं; यदि सुरक्षा व्यवस्था का दुरुपयोग हो, तो यही व्यवस्था निगरानी और साइबर हमलों का रास्ता भी बन सकती है।