चंडीगढ़ , 20 अक्टूबर 2026 | पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा के मर्डर केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए केस CBI को सौंप रही है। उन्होंने झोटा के पिता और उनके परिवार के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है।
नशे के खिलाफ ‘आर-पार की जंग’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा, “नशे के खिलाफ लड़ रहे परमिंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हम हर कदम पर मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हम यह केस CBI को सौंप रहे हैं।” भगवंत मान ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर कहा कि उनकी लड़ाई आर-पार की है। पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार को जो भी सख्त कदम उठाना पड़ेगा, वह पीछे नहीं हटेगी।
मनीष सिसोदिया ने की सराहना
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी पंजाब सरकार के इस फैसले को बड़ा कदम बताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्टम में कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब और उसके बच्चों के भविष्य को लेकर सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटती। सिसोदिया ने नशे के खिलाफ जारी लड़ाई को हर हाल में जीतने की बात कही।
शाह के दाैरे से पहले बड़ा एलान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज पंजाब आ रहे हैं। वे बटाला, संगरूर और मानसा में नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। शाह के दाैरे से कुछ घंटे पहले केस को सीबीआई को साैंपने का एलान किया गया है।
एक दिन पहले अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख झोटा की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं सांसद ने गृह मंत्री से अनुरोध किया था कि जांच को केवल झोटा हत्याकांड तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने सुनाम के मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख किया। मोहनजीत सिंह को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नशे के विरोध के बाद प्रताड़ना मिली थी। बादल ने इन मामलों सहित नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों से जुड़े अन्य मामलों की भी व्यापक जांच की मांग की।
CM भगवंत मान ने दी जानकारी
इस फैसले की जानकारी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने X अकाउंट पर लिखा है, ‘हम हर समय नशे के खिलाफ लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ खड़े हैं। झोटा के परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हम इस केस की जांच CBI को सौंप रहे हैं। नशे की तस्करी के खिलाफ हमारी जंग जारी है। पंजाह को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए हम सख्त से सख्त फैसले लेने से नहीं चूकेंगे।’
इससे पहले सोमवार को परविंदर सिंह झोटा के पिता ने सोमवार को एक वीडियो जारी करके कहा था कि वह अमित शाह से मिलने को तैयार हैं। दरअसल, परविंदर झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए बनी कमेटी ने कहा था कि परविंदर के पिता भीम सिंह फौजी से अपील की जाएगी कि वह गृहमंत्री अमित शाह से ना मिलें।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे सहित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। पंजाब सरकार ने परिवार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तीन महिला आइएएस अधिकारियों की समिति बनाई थी, लेकिन शुरुआती बातचीत में गतिरोध दूर नहीं हो पाया था।
अमित शाह के दौरे से पहले बढ़ा राजनीतिक दबाव
झोटा हत्याकांड को लेकर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब सरकार पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सीबीआइ जांच की मांग की थी।
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर झोटा की हत्या की स्वतंत्र जांच कराने और नशा तस्करी में कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच की मांग की थी।
अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान मानसा में झोटा के परिवार से मिलने का कार्यक्रम बनाया है। इसके अलावा वह संगरूर और गुरदासपुर में भी नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने वाले हैं। ऐसे में शाह के दौरे से पहले मुख्यमंत्री की सीबीआइ जांच संबंधी घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।