भारतीय क्रिकेट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर परविंदर अवाना को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। इस जिम्मेदारी के साथ अब वह भारतीय जूनियर क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों के चयन से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
BCCI ने शुक्रवार को पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को जूनियर सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया। क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद उनके नाम की सिफारिश की थी।
उनके अलावा 3 अन्य सदस्य को भी कमिटी में शामिल किया गया है। पांचवे सदस्य की नियक्ति जल्द की जाएगी।
अवाना के चेयरमैन बनने की मुख्य वजह…
- अवाना को कोचिंग और टीम मैनेजमेंट के साथ काम करने का एक्सपीरियंस है। उन्होंने दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ काम किया।
- इसके अलावा वे इंडिया अंडर-19 और BCCI/सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम का भी हिस्सा रह चुके हैं।
- अवाना भारत के घरेलु क्रिकेट को भी बतौर खिलाड़ी अच्छे से समझते हैं। उन्होंने 62 फर्स्ट क्लास मैचों में 191 विकेट लिए हैं। वे डोमेस्टिक में दिल्ली, इंडिया-A और रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से भी खेल चुके हैं। IPL में वे किंग्स इलेवन पंजाब भी हिस्सा रहे। हालांकि भारत के लिए वे सिर्फ 2 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं।
जूनियर क्रिकेट में निभाएंगे अहम भूमिका
BCCI की जूनियर सिलेक्शन कमेटी का काम युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानना और विभिन्न आयु वर्ग की भारतीय टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन करना है। इस समिति के फैसले भविष्य के क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर अवसर दिलाने में महत्वपूर्ण होते हैं।
परविंदर अवाना के अनुभव का उपयोग युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और क्षमता का आकलन करने में किया जा सकता है। हालांकि, समिति की संरचना और उनके कार्यकाल से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए BCCI की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
भारत में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए चयन प्रक्रिया की अहम भूमिका होती है। जूनियर स्तर पर सही खिलाड़ियों को अवसर मिलने से उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है।
परविंदर अवाना की नियुक्ति से जूनियर क्रिकेट चयन व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। उनके सामने युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और भविष्य के भारतीय क्रिकेटरों को अवसर देने की जिम्मेदारी रहेगी।