गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, दस्तावेज नहीं मिलने पर डिपोर्टेशन की तैयारी
गुरुग्राम, 17 जून् 2026 । हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान ये लोग भारत में वैध रूप से रहने संबंधी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद सभी को विदेशी नागरिकों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच ने निर्माण स्थलों और झुग्गियों में अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से 13 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए, जिनके पास भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें एक एजेंट के जरिए भारत भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सभी को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा।
एसीपी क्राइम ने दी जानकारी
मीडिया को संबोधित करते हुए एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अवैध प्रवासियों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक वैध दस्तावेजों के बिना शहर में अवैध रूप से रह रहे थे। क्राइम ब्रांच ने शहर के विभिन्न इलाकों से इन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे थे, जबकि कुछ निर्माण स्थलों पर काम कर रहे थे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि विशेष अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाया गया था। इसी दौरान कुछ लोगों की नागरिकता और पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच में संबंधित व्यक्ति अपने पासपोर्ट, वीजा या अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
पुलिस अब संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और विदेशी नागरिक पंजीकरण से जुड़े विभागों के साथ समन्वय कर रही है ताकि उनकी राष्ट्रीयता और भारत में प्रवेश से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा सके। प्रारंभिक जांच में उन्हें बांग्लादेशी नागरिक बताया जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में उनके अवैध रूप से भारत में रहने की पुष्टि होती है, तो कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके मूल देश भेजने यानी डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वे कब और किस माध्यम से भारत में प्रवेश कर गुरुग्राम पहुंचे थे।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय लोगों से भी किरायेदारों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील की गई है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।