नवादा , 18 जून् 2026 । बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने सरकारी अस्पतालों को पहले ही रेफर करने के रवैये से बाज आने के लिए कह रखा है। लेकिन फिर इसी रवैये ने एक महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान ले ली। मामला नवादा जिले के पकरीबरामा थाना क्षेत्र स्थित पीएससी अस्पताल का है। इसे लापरवाही न कहें तो और क्या करें कि अस्पताल ने 9 महीने की गर्भवती महिला को 22 किलोमीटर दूर रेफर कर दिया।। इस देरी की वजह से महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
22 किमी दूर किया रेफर, जच्चा-बच्चा दोनों की मौत
गुरुवार को इस घटना के बाद महिला के घर में मातम पसर गया। मृतक महिला की पहचान पकरीबरामा निवासी मोहम्मद शाहिद की 28 वर्षीय पत्नी सबिहा खातून के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पीएससी अस्पताल में सबिहा को उचित इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें रेफर किया गया और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने घटना की जानकारी ली है और संबंधित परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या प्रोटोकॉल के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नवजात और गंभीर मरीजों के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और रेफरल प्रक्रिया का सही पालन मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसी कारण इस तरह की घटनाओं को बेहद गंभीरता से देखा जाता है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों और जवाबदेही को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत के पीछे चिकित्सा व्यवस्था की कमी, प्रशासनिक लापरवाही या अन्य कौन से कारण जिम्मेदार थे।