‘न योगी मॉडल, न नीतीश मॉडल… बिहार में चलेगा सम्राट मॉडल’,
अपराधियों को सीएम का सख्त संदेश- जेल जाओ या नेपाल भागो
पटना , 23 जून् 2026 । बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर भरत तिवारी एनकाउंटर पर चाहे जितने सियासी रंग चढ़ा दिए गए हो पर तमाम अपने परायों के विरोध के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ऐलान कायम रहेगा सम्राट मॉडल। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में न तो किसी दूसरे राज्य का मॉडल लागू होगा और न ही पुरानी कार्यशैली को दोहराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार में “सम्राट मॉडल” के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सम्राट ने कहा क्या?
भरत तिवारी एनकाउंटर पर भारी विरोध का सामना कर रहे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध नियंत्रण को लेकर किए गए नीतिगत निर्णय के प्रति अडिग रहते साफ तौर पर बिहार के अपराधियों को चेतावनी दी कि अपराधियों को बिहार छोड़ना होगा। कोई रोक नहीं सकता है। अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। ये बिहार है… कितना भी अपराधी के पक्ष में रहोगे, कोई फर्क नहीं पड़ता है।
मैं कभी अपराधी के सामने झुकने वाला व्यक्ति नहीं हूं। बिहार को अपराध मुक्त बनाऊंगा, इसमें कहीं दो मत नहीं है। कोई गलतफहमी में मत रहना। अपराधियों के पास एक रास्ता है जेल जाएं या नेपाल भाग जाएं। उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ और बंगाल में सुवेंदु अधिकारी और बिहार में सम्राट चौधरी उनका रास्ता रोक के खड़ा है ।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके अनुसार, पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में अपराध नियंत्रण के लिए कई बड़े अभियान चलाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब भरत तिवारी एनकाउंटर समेत कई कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपराध नियंत्रण के नाम पर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह कानून और संविधान के दायरे में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “सम्राट मॉडल” वाला बयान आगामी चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मुख्यमंत्री अपनी अलग राजनीतिक पहचान और सख्त प्रशासनिक छवि को मजबूत करने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल मुख्यमंत्री के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। समर्थक इसे अपराध के खिलाफ मजबूत संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार की कार्यशैली और दावों पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बना रह सकता है।