नई दिल्ली, 18 मई 2026 । दिल्ली सरकार ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन बचाने के प्रयासों में सहयोग के लिए निजी कंपनियों और प्रतिष्ठानों को दो दिन की ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ नीति अपनाने, कार्यालय के समय में बदलाव करने और कर्मचारियों से ‘कार पूलिंग’ और सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सप्ताह की शुरुआत में 90-दिवसीय ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ ईंधन बचत अभियान शुरू किया जिसमें दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए दो दिन घर से काम करने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने विशेष रूप से आईटी, कॉर्पोरेट, सेवा क्षेत्र और डिजिटल कार्यों से जुड़ी कंपनियों से सहयोग मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि महामारी के दौरान वर्क फ्रॉम होम मॉडल प्रभावी साबित हुआ था और कई कंपनियों ने सफलतापूर्वक इसे अपनाया था। अब पर्यावरणीय कारणों से फिर इस व्यवस्था को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निजी कंपनियां इस अपील को गंभीरता से लागू करती हैं तो दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही कर्मचारियों के समय और यात्रा खर्च में भी कमी आएगी। हालांकि कुछ उद्योगों और संस्थानों के लिए पूर्ण रूप से वर्क फ्रॉम होम लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल सरकार ने इसे अनिवार्य आदेश की बजाय सलाह और सहयोगात्मक पहल के रूप में पेश किया है। आने वाले दिनों में कंपनियों की प्रतिक्रिया और प्रदूषण स्तर के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा सकती है।