बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन

जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित

देहरादून, 08  जुलाई 2026 । उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन से जुड़े एक निजी सहायक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है।

बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायत पर सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मामले की गहन जांच के लिए आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में कथित अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीएम धामी ने जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन करने के निर्देश दिए थे।

उच्चस्तरीय समिति में कौन-कौन?

शासन ने आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी और कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।

प्रशासन के अनुसार, समिति पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगी कि कथित अनियमितता कैसे हुई, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई, तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी।

जांच एजेंसियां चढ़ावे के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है कि चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस मामले ने मंदिर प्रबंधन और धार्मिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी नई चर्चा शुरू कर दी है।

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