हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, 15 अगस्त तक पूरी करनी होगी यह प्रक्रिया

हरियाणा , 08  जुलाई 2026 । हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के सवा लाख से अधिक संविदा (कच्चे) कर्मचारियों को लेकर अपना एक्शन प्लान तेज कर दिया है। हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थानों में कार्यरत कच्चे (संविदा, आउटसोर्स और अस्थायी) कर्मचारियों से संबंधित एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त तक कच्चे कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड, सेवा संबंधी विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराई जाए।

सरकार ने ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम’ को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी पात्र संविदा कर्मचारियों के रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने और उन्हें ‘ऑफर लेटर’ जारी करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त तय की गई है। मानव संसाधन विभाग (HRD) ने राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और सरकारी प्राधिकरणों से इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तलब की है।

इस कार्य को समय पर पूरा कराने के लिए सरकार बेहद गंभीर है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की अध्यक्षता में पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई गई है।मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।बैठक में किसी भी विभाग प्रमुख की जगह उनके प्रतिनिधि या अधीनस्थ अधिकारी को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य राज्यभर में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों का एकीकृत और अद्यतन डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उनकी नियुक्ति, सेवा अवधि, वेतन, कार्यस्थल और अन्य प्रशासनिक विवरण का सही आकलन किया जा सके। इससे भविष्य में कर्मचारियों से जुड़ी नीतियां बनाने और प्रशासनिक निर्णय लेने में भी आसानी होगी।

अधिकारियों के अनुसार, सभी विभागों को समयसीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय तक विवरण जमा नहीं करने वाले विभागों से जवाब भी मांगा जा सकता है। सरकार इस प्रक्रिया के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने पर जोर दे रही है।

इस पहल को राज्य के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कच्चे कर्मचारियों के आंकड़ों का केंद्रीकृत प्रबंधन संभव होगा और भविष्य में सेवा संबंधी निर्णय अधिक व्यवस्थित ढंग से लिए जा सकेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.