मोहाली में सेवा केंद्रों पर कामकाज ठप: कर्मचारियों की हड़ताल से लोगों की बढ़ी परेशानी,

पंजाब , 27 मई 2026 । पंजाब के मोहाली में सेवा केंद्र कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब आम लोगों पर साफ दिखाई देने लगा है। विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसके चलते सेवा केंद्रों में जरूरी सरकारी कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हड़ताल के कारण सैकड़ों लोग अपने जरूरी दस्तावेजों और सेवाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार सभी कर्मचारी मोहाली में डी.सी. ऑफिस के बाहर हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी मांगों को पूरा न किए जाने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने अपनी मांगों के बारे में बताते हुए कहा कि सेवा केंद्रों में निजी कंपनी आधारित व्यवस्था है जिसके चलते उन्हें कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। उन्हें सैलरी देरी से मिलती है और उनकी सैलरी में बढ़ौतरी भी नहीं होती है। इसके अलावा ठेकेदारी प्रथा भी खत्म होनी चाहिए।

हड़ताल की वजह से जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार अपडेट, पेंशन संबंधी कार्य, सरकारी प्रमाणपत्र, बिजली-पानी से जुड़े आवेदन और अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सेवा केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि कई केंद्रों पर ताले लगे होने के कारण नागरिकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन, नौकरी सुरक्षा, कार्यभार और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही।

वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आम जनता को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्थानीय लोगों में हड़ताल को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। नागरिकों का कहना है कि सरकारी सेवाएं बंद होने से रोजमर्रा के जरूरी काम अटक गए हैं। कई लोग दूर-दराज के इलाकों से सेवा केंद्र पहुंचे, लेकिन काम न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर प्रशासनिक कार्यों और आम जनता दोनों पर और अधिक पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी हुई है।

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