लखनऊ में दहेज का दर्दनाक अंत: शादी के छह महीने बाद युवती फंदे से लटकी मिली, कार की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप
लखनऊ , 27 मई 2026 । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दहेज उत्पीड़न का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। शादी के महज छह महीने बाद एक नवविवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और कार की मांग को लेकर मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक यह घटना सोमवार को हुई। मृतका की पहचान श्वेता सिंह (26) के रूप में हुई है। श्वेता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने श्वेता सिंह के पति भूपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। महिला के ससुर, सास, देवर और ननद के खिलाफ भी बीएनएस की धारा 80 (दहेज हत्या), 85 (पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला पर क्रूरता करना) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
श्वेता के पिता ने दी लिखित शिकायत
ठाकुरगंज थाने के प्रभारी ओमवीर सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि श्वेता ने कथित तौर पर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके ससुराल वाले उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। यहां जारी एक बयान में पुलिस ने कहा, “25 मई को ठाकुरगंज पुलिस थाना में शिकायतकर्ता उमेश कुमार सिंह (ठाकुरगंज पुलिस थाना क्षेत्र के निवासी) ने लिखित शिकायत दी।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या और दहेज उत्पीड़न से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। परिवार ने दावा किया कि युवती को बार-बार कार लाने के लिए दबाव डाला जाता था और मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था। मृतका कई बार अपने मायके वालों को अपनी परेशानी के बारे में बता चुकी थी।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी घर में विवाद हुआ था। कुछ समय बाद युवती का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है और संबंधित धाराओं में जांच शुरू कर दी गई है। मृतका के पति और ससुराल पक्ष से पूछताछ की जा रही है। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। महिला अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी कई परिवारों की बेटियों की जिंदगी छीन रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना काफी नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और मानसिकता में बदलाव लाना भी जरूरी है। दहेज को लेकर बढ़ते अपराध सामाजिक चिंता का बड़ा विषय बनते जा रहे हैं।