उत्तराखंड में तेज हुई चुनावी हलचल: BJP के नितिन नवीन सक्रिय, अगले सप्ताह राहुल गांधी के दौरे से बढ़ेगा सियासी तापमान
उत्तराखंड , 28 मई 2026 । उत्तराखंड में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही राज्य में अपनी रणनीति मजबूत करने में जुट गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा नेता नितिन नवीन के उत्तराखंड पहुंचने की चर्चा है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधीका दौरा भी अगले सप्ताह प्रस्तावित बताया जा रहा है। दोनों दलों की सक्रियता से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीति गरमा रही है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने इसको लेकर तैयारियों को तेज कर दिया है। प्रदेश में गरमाती चुनावी राजनीति को धार देने भाजपा के राष्ट्रीय नितिन नवीन गुरुवार की शाम देहरादून पहुंच रहे हैं। वहीं, अगले सप्ताह 4 जून से राहुल गांधी हल्द्वानी और पौड़ी के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस प्रकार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का माहौल गरमाना तय हो गया है। फरवरी-मार्च 2027 में प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा संगठन आगामी चुनावों को देखते हुए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है। नितिन नवीन पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। भाजपा राज्य में विकास कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
वहीं कांग्रेस भी उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के प्रयासों में जुटी हुई है। राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भाजपा पर हमला बोल सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तराखंड में चुनावी मुकाबला इस बार काफी दिलचस्प हो सकता है। भाजपा जहां अपने संगठन और सरकारी योजनाओं के सहारे जनता के बीच जाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।
राज्य में दोनों प्रमुख दलों की बढ़ती सक्रियता के बीच स्थानीय नेताओं के दौरे और जनसभाओं का सिलसिला भी तेज हो गया है। आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी रणनीतियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।