BCCI प्रेसिडेंट बोले- रोहित-विराट का चयन उम्र देखकर नहीं

भारतीय क्रिकेट टीम के दो अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए खिलाड़ियों के चयन में उम्र के बजाय उनकी फिटनेस और मैदान पर प्रदर्शन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस बयान के बाद दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के अगले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावनाओं को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। हालांकि, मन्हास ने स्पष्ट किया कि अंतिम चयन का फैसला चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ की जिम्मेदारी है।

BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने कहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा का चयन उम्र से नहीं होगा।

टीम में जगह के लिए दोनों की फिटनेस और प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा।

मन्हास ने भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले स्पोर्टस्टार को इंटरव्यू दिया। यह दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। रोहित-विराट 4 नवंबर से शुरू हो रही 5 वनडे की सीरीज में खेलते दिखेंगे।

2027 वनडे विश्व कप में खेलेंगे रोहित और विराट?

क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अगले वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनेंगे। दोनों खिलाड़ी टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में वनडे प्रारूप में उनका भविष्य और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर-नवंबर के दौरान आयोजित होना है। टूर्नामेंट तक रोहित और विराट दोनों की उम्र बढ़ चुकी होगी, लेकिन BCCI अध्यक्ष के बयान के अनुसार उम्र अपने आप में चयन से बाहर करने की वजह नहीं होनी चाहिए।

शुभमन गिल की कप्तानी में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका

मिथुन मन्हास ने भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल के संदर्भ में भी अनुभवी खिलाड़ियों के महत्व पर बात की। उनके मुताबिक, रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों का अनुभव गिल को बड़े टूर्नामेंट के दौरान मदद पहुंचा सकता है।

बड़े मुकाबलों में दबाव संभालना, रणनीतिक फैसले लेना और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना किसी भी टीम के लिए अहम होता है। मन्हास ने जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका का भी उल्लेख किया। टीम में जिम्मेदारियों का सही बंटवारा कप्तान को बेहतर तरीके से नेतृत्व करने में मदद कर सकता है।

रोहित-विराट के प्रदर्शन पर रहेगी नजर

2027 विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से आने वाली वनडे सीरीज और खिलाड़ियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। रोहित और विराट के अनुभव के साथ-साथ उनकी फिटनेस, निरंतरता और टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

दूसरी ओर, भारतीय टीम भविष्य के लिए युवा खिलाड़ियों को भी तैयार कर रही है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने अनुभवी खिलाड़ियों और नई प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। BCCI अध्यक्ष के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि चयन में उम्र को अकेला पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए, लेकिन इससे किसी खिलाड़ी की जगह सुनिश्चित नहीं होती।

मिथुन मन्हास ने चयन प्रक्रिया को लेकर साफ किया कि विश्व कप की टीम चुनने का अधिकार चयन समिति और कोचिंग स्टाफ के पास है। बोर्ड अध्यक्ष का बयान चयन के सिद्धांतों पर उनकी राय है, न कि रोहित शर्मा या विराट कोहली के चयन की आधिकारिक घोषणा।

इसलिए फिलहाल दोनों खिलाड़ियों के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनकी फिटनेस, आगामी मैचों में प्रदर्शन और टीम की जरूरतें ही इस चर्चा की दिशा तय करेंगी।

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