वंदे मातरम पर हरक सिंह का विवादित बयान

बोले- ‘हम बीजेपी के टट्टू हैं क्या, जो इनके कहने से गाएं’

देहरादून, 24 अगस्त 2026 । वंदे मातरम को लेकर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के कथित बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की और कहा कि क्या हम बीजेपी के टट्टू हैं, जो उनके कहने पर वंदे मातरम गाएं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।

हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस संविधान को मानने वाली पार्टी है और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का पालन करती है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार ही कांग्रेस अपने फैसले लेगी। बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति ने आधिकारिक तौर पर तय किया कि वह अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद ही गाएगी। जिसको लेकर सियासत गरमाई हुई है।

बीजेपी को चुनौती दी

इसके बाद हरक ​ने फिर से बीजेपी को चुनौती दे डाली कि वे बीजेपी के लोगों से अच्छा धर्म कर्म का ज्ञान दे सकते हैं। इसके लिए प्रवचन में वे बीजेपी के लोगों से जीत जाएंगे। इस तरह हरक बीजेपी पर जमकर हमलावर है। इससे पहले भी हरक सिंह बीजेपी पर लगातार जुबानी जंग लड़ने में जुटे हैं। हरक ने हाल ही में बीजेपी सरकार के सभी मंत्रियों को जूनियर बताते हुए दावा किया था कि वे इस समय सबसे ​सीनियर नेता हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि अधिकतर कैबिनेट मंत्री उनके चेले रहे हैं। जिनको वे राजनीति में लेकर आए हैं।

हरक सिंह की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही बयानबाजी जारी है। राष्ट्रगीत को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस में अलग-अलग दलों के नेता अपनी-अपनी राय रखते रहे हैं। ऐसे में हरक सिंह की टिप्पणी ने विवाद को और हवा दे दी है।

अपने बयान के जरिए हरक सिंह ने बीजेपी की राजनीतिक मांग और उसके रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि किसी राजनीतिक दल के कहने मात्र से किसी मुद्दे पर अपनी राय या आचरण बदलना उचित नहीं है। उनके इस बयान को बीजेपी के खिलाफ उनके तीखे राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

हरक सिंह रावत लंबे समय से उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और कई अहम राजनीतिक पदों पर रह चुके हैं। उनके बयानों को लेकर अक्सर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। वंदे मातरम को लेकर दिए गए इस बयान के बाद भी बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

अब इस मुद्दे पर बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। राष्ट्रगीत से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर नेताओं की बयानबाजी के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

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