मुंबई, 24 अक्टूबर 2026 | देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल इंफोसिस के मुनाफे में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होने की खबर है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹7,823 करोड़ पहुंच गया है। यह आंकड़ा कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और आईटी सेक्टर की स्थिति को लेकर निवेशकों का ध्यान खींच सकता है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू किया है। ये पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है।
कमाई बढ़ने के साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 6% बढ़ा है। इस तिमाही में इंफोसिस को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹7,364 करोड़ रहा था।
इंफोसिस के रेवेन्यू में मजबूती का मुख्य कारण 5.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बड़ी डील्स का मिलना है। इसमें 62% नए बिजनेस से आए और एक 2 बिलियन डॉलर यानी करीब 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मेगा-डील शामिल है।
इसके साथ ही रेवेन्यू बढ़ने की वजह AI सर्विसेज की मांग में आया 29% का बड़ा उछाल है। इससे कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान बढ़कर 10.5% हो गया है।
निवेशकों की नजर कंपनी के प्रदर्शन पर
इंफोसिस के वित्तीय नतीजों पर शेयर बाजार के निवेशकों और विश्लेषकों की नजर रहती है। कंपनी के मुनाफे के साथ-साथ राजस्व, ऑपरेटिंग मार्जिन, नए सौदों और भविष्य के कारोबारी अनुमान भी उसके प्रदर्शन को समझने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वैश्विक कंपनियों की तकनीकी सेवाओं, डिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मांग आईटी कंपनियों के कारोबार को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में इंफोसिस के नतीजे कंपनी की कारोबारी स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, केवल मुनाफे में बढ़ोतरी के आधार पर कंपनी के पूरे प्रदर्शन या शेयर के भविष्य का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
हर शेयर पर 26 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी
कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड भी देगी। कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। वहीं इंफोसिस का शेयर आज लगभग फ्लैट 1154 रुपए पर बंद हुआ। इस साल ये 29% से ज्यादा गिर चुका है।
इस दौरान निफ्टी 50 में करीब 13% की गिरावट आई है, यानी इंफोसिस का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। इंफोसिस का मार्केट कैप लगभग ₹4.78 लाख करोड़ है।
दूसरी तिमाही में 4,480 नए कर्मचारी हायर किए
- इंफोसिस ने जुलाई से सितंबर के बीच यानी दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में 4,480 नए कर्मचारी हायर किए हैं। अब कंपनी में काम करने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3,32,542 हो गई है। पिछली तिमाही (Q1) में 532 कर्मचारी कम हुए थे, जिससे इस साल की पहली छमाही (H1) में कुल 3,948 कर्मचारी जुड़े हैं।
- नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर यानी एट्रिशन रेट थोड़ा घटकर 12.7% रहा है, जो पहले 13% था। इस तिमाही (Q2) में इंफोसिस ने कॉलेज से पास-आउट हुए 8,000 से ज्यादा नए फ्रेशर्स को नौकरी दी है।
- कंपनी ने इस पूरे साल में कुल 20,000 नए फ्रेशर्स को नौकरी देने का टारगेट रखा है। पहली छमाही (H1) में कंपनी 12,000 से ज्यादा नए युवाओं को नौकरी देकर अपने टारगेट का आधे से ज्यादा हिस्सा पूरा कर चुकी है।