उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 57 मामले सामने आए

देहरादून, 27 अगस्त 2026 । उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा H1N1 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 57 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें सबसे ज्यादा 52 मामले अकेले देहरादून जिले से सामने आए हैं। नैनीताल में तीन और हरिद्वार में दो मरीज मिले हैं।

डॉ. जंगपागी ने कहा कि यह मानसून और जाड़ों में होने वाले सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार की तरह है जो पैरासिटामोल लेने, आराम करने और तरल खाद्य पदार्थ लेने से कुछ दिनों में स्वत: ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है और साफ-सफाई रखने से इससे बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि, सांस लेने में परेशानी होने जैसी समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श किया जाना चाहिए। इस बीच, देश के कुछ राज्यों में मौसमी इन्फ्लूएंजा तथा श्वसन तंत्र से संबंधित रोगों के मामलों में वृद्धि को देखते हुए उत्तराखंड में भी सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

देहरादून में सबसे ज्यादा मामले

राज्य में सामने आए कुल 57 मामलों में करीब 52 मरीज देहरादून से हैं। लगातार बढ़ते मामलों के कारण देहरादून को स्वाइन फ्लू का प्रमुख हॉटस्पॉट माना जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों में तैयारियों को बढ़ा दिया है।

अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा और निमोनिया के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त आइसोलेशन बेड, ICU बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध रखने को कहा गया है। साथ ही जरूरी दवाओं, PPE किट और N-95 मास्क की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की निगरानी

स्वाइन फ्लू के मामलों पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया है। ILI और गंभीर श्वसन संक्रमण वाले मरीजों की निगरानी बढ़ाई जा रही है, जबकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को जांच केंद्रों तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

घबराने की जरूरत नहीं, सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मौसमी इन्फ्लुएंजा के कई मामले सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों के साथ सामने आ सकते हैं। हालांकि सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। साफ-सफाई रखना और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाना भी महत्वपूर्ण है।

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां अहम हो गई हैं। खास तौर पर देहरादून में संक्रमण के अधिक मामलों को देखते हुए प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.