दिल्ली में हर घर तक अग्नि सुरक्षा पहुंचाने की तैयारी: स्मोक डिटेक्टर और वॉटर स्प्रिंकलर अनिवार्य करने की सिफारिश
नई दिल्ली, 12 जून् 2026 । राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं और बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए दिल्ली फायर सर्विस ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है। विभाग ने सिफारिश की है कि शहर के सभी घरों में स्मोक डिटेक्टर और वॉटर स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणालियां अनिवार्य रूप से लगाई जाएं। इस पहल का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही खतरे का पता लगाना और नुकसान को कम करना है।
फायर विभाग के सूत्रों की मानें तो अगले एक-दो दिन में इसे होम डिपार्टमेंट के पास भेज दिया जाएगा। बता दें कि विवेक विहार की घटना के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने विभागों के साथ बैठक कर आग से निपटने के लिए फायर मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया था। फायर डिपार्टमेंट की माने तो अगर यह दावा लागू हुआ तो 97 फीसदी तक मौत का आंकड़ा घट जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश आवासीय आगजनी की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। स्मोक डिटेक्टर धुआं फैलते ही चेतावनी दे सकते हैं, जबकि वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर आग को फैलने से रोकने में मदद कर सकते हैं। फायर विभाग का मानना है कि यदि ये उपकरण व्यापक स्तर पर लगाए जाते हैं, तो जान-माल के नुकसान में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
दिल्ली में हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें आग लगने के बाद लोगों को समय पर चेतावनी नहीं मिल पाई। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों, अपार्टमेंट परिसरों और बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में विभाग का सुझाव है कि अग्नि सुरक्षा को केवल व्यावसायिक भवनों तक सीमित न रखकर आम घरों तक भी पहुंचाया जाए।
फायर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विकसित देशों में स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम को घरेलू सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इन उपकरणों की मदद से आग लगने के शुरुआती संकेत मिल जाते हैं, जिससे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय मिल जाता है। दिल्ली फायर विभाग भी इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की वकालत कर रहा है।
यदि सरकार इस सिफारिश को स्वीकार करती है, तो भविष्य में भवन निर्माण नियमों और आवासीय सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे न केवल नई इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पुराने भवनों में भी अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा सकते हैं। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।