पंजाब कांग्रेस में एकजुटता का संदेश, राजा वडिंग बोले- ‘चरणजीत सिंह चन्नी मेरे सीनियर हैं, उनसे सीख रहा हूं’
चंडीगढ़ , 11 जुलाई 2026 । पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सराहना करते हुए कहा कि “चरणजीत सिंह चन्नी मेरे सीनियर हैं और मैं उनसे सीख रहा हूं।”
‘चन्नी बनाम वडिंग’ पर क्या कहा?
कांग्रेस में ‘चन्नी बनाम वडिंग’ की चर्चा और पार्टी के भीतर चल रही रस्साकशी को लेकर राजा वडिंग ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि चन्नी साहब बड़े नेता हैं। मैं अभी छोटा हूं। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं। बनाम बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है। मैं चन्नी साहब से बहुत कुछ सीख रहा हूं। सिर्फ चन्नी साहब ही नहीं, बल्कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से सीख रहा हूं। तजुर्बे से जो सीखा जाता है, वह किसी और तरीके से नहीं सीखा जा सकता। इसलिए मेरे और चन्नी साहब के बीच किसी तरह की प्रतिस्पर्धा या टकराव की बात नहीं है। मैं इतना बड़ा भी नहीं हूं कि चन्नी साहब के मुकाबले की बात करूं।
सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ मतभेद पर क्या बोले?
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ मतभेद के सवाल पर भी राजा वडिंग ने रिश्तों में किसी स्थायी दरार से इनकार किया। उन्होंने कहा कि रंधावा और मैं दोनों उस समय दावेदार थे, जब मुझे पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद उन्हें राजस्थान का प्रभारी बना दिया गया और मुझे पंजाब की जिम्मेदारी मिली।
राजा वडिंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य आंतरिक मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठन को मजबूत करना और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है।
राजा वडिंग ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता पार्टी की मजबूती के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ उठाकर कांग्रेस आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वडिंग का यह बयान पंजाब कांग्रेस में एकता का संदेश देने और गुटबाजी की अटकलों को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व की रणनीति और संगठनात्मक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।