नैनीताल, 11 जुलाई 2026 । बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित मंदिर समिति को अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान समिति से पूछा कि आरोपों और जांच को लेकर उसका आधिकारिक रुख क्या है तथा अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावा में की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता के आरोप में बद्री-केदार मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश व पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील की थी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले की सुनवाई को 16 जुलाई की तिथि नियत की है।
क्या है मामला
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में चोरी का मामला दो जुलाई को सामने आया। जब मंदिर समिति को बदरीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गिनती के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की सूचना मिली। इस पर संज्ञान लेते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी। जो कि सीसीटीवी में कैद होना पाया गया।
मामला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ा है। घटना सामने आने के बाद जांच शुरू की गई थी और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी गई। अब हाईकोर्ट ने पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तथ्यों को स्पष्ट करने पर जोर दिया है।
अदालत ने मंदिर प्रशासन से यह भी अपेक्षा की है कि चढ़ावे के संग्रह, सुरक्षा और लेखा-जोखा से जुड़ी व्यवस्था की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मामले की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी है और न्यायालय ने अगली सुनवाई तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकरण के बाद मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मामले में आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।