दिल्ली पहुंचेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’, 800 टन प्याज की खेप से मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026 । दिल्ली में बढ़ती प्याज की कीमतों के बीच सरकार ने राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। महाराष्ट्र के नासिक से 800 टन प्याज लेकर ‘कांदा एक्सप्रेस’ बुधवार को दिल्ली पहुंच रही है। इस बफर स्टॉक का एक हिस्सा आजादपुर मंडी समेत राजधानी के प्रमुख बाजारों में आपूर्ति बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

  • बैठक में रेखा गुप्ता ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को प्याज और चीनी की कीमतों पर लगातार नजर रखने और विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
  • उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर सस्ता प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
  • सीएम ने अधिकारियों को नेफेड से प्याज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
  • उन्होंने कहा कि नेफेड से जिस कीमत पर प्याज और चीनी खरीदी जाएगी, उसी आधार पर लोगों को दी जाएगी। परिवहन और अन्य खर्च सरकार वहन करेगी।
  • अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्याज की आपूर्ति बाजार तक उचित तरीके से पहुंचे और इसकी जमाखोरी न हो।
  • खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्र सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए भंडारण की मात्रा से जुड़े प्रावधान किए हैं।
  • निर्धारित सीमा से अधिक चीनी स्टोर करने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।

सरकार की योजना इस प्याज को 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराने की है। दिल्ली में इसकी खुदरा बिक्री NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के स्टोर के माध्यम से की जाएगी। इसका उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर नियंत्रण करना है।

दरअसल, महाराष्ट्र में बारिश के कारण प्याज की दिल्ली तक आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर आजादपुर मंडी पर भी पड़ा है, जहां थोक कीमतें कुछ दिनों में करीब 25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। दिल्ली के कई इलाकों में खुदरा भाव 60 से 70 रुपये किलो तक पहुंचने की खबर है।

कांदा एक्सप्रेस के जरिए नासिक में रखे केंद्र सरकार के प्याज बफर स्टॉक को प्रमुख खपत केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। दिल्ली के अलावा चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी के लिए भी विशेष रेलवे रेक से प्याज भेजा जा रहा है।

सरकार ने 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा है। इसका इस्तेमाल आम तौर पर आपूर्ति कम होने और कीमतों में अचानक तेजी आने की स्थिति में बाजार को राहत देने के लिए किया जाता है।

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