नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026 | चांदी की कीमतों में गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है। करीब 10 महीने बाद चांदी का भाव ₹2 लाख प्रति किलो के स्तर से नीचे आने की खबर से उन खरीदारों को राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव की जांच करना जरूरी है।
फेस्टिव सीजन में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 4,750 रुपए घटकर 1.95 लाख रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 2 लाख रुपए पर थी।
चांदी करीब 10 महीने बाद फिर 2 लाख रुपए के नीचे आ गई है। इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को चांदी के दाम पहली बार 2 लाख रुपए के पार गए थे। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,246 रुपए गिरकर 1.41 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को यह 1.43 रुपए पर था।
4 दिन से लगातार गिरावट के कारण सोना 4,978 रुपए सस्ता हो गया है, वहीं चांदी 15,891 गिर गई है। 16 अक्टूबर को सोने की कीमत 1.46 लाख रुपए और चांदी 2.10 लाख रुपए पर थी।
चांदी की कीमत में कितनी गिरावट आई?
23 अक्टूबर 2026 को MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव गिरकर करीब ₹1,92,800 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। पिछले 10 कारोबारी सत्रों में कीमत लगभग ₹33,000 कम हुई है।
क्यों गिर रहे हैं चांदी के दाम?
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी: वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों में तेज गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
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आर्थिक अनिश्चितता: वैश्विक आर्थिक विकास और ब्याज दरों को लेकर चिंताओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है।
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निवेशकों की बिकवाली: बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अपनी पोजीशन घटा रहे हैं।
क्या चांदी खरीदने का सही समय है?
कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद यह तय नहीं है कि चांदी का भाव अब बढ़ेगा या और नीचे जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेश से पहले बाजार के रुझान और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है। गहने या चांदी के सामान खरीदने वाले ग्राहक स्थानीय सर्राफा बाजार में लागू भाव और टैक्स की जानकारी भी लें।