डीयू प्रोफेसर हत्याकांड में ‘मास्क मैन’ का रहस्य गहराया, दिल्ली पुलिस की जांच में आया नया मोड़

नई दिल्ली, 06 जून्‌ 2026 । दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबस्मिता पॉल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ सामने आया है। मामले में दो संदिग्ध ‘मास्क मैन’ की एंट्री ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सामने आए इन नकाबपोश व्यक्तियों की पहचान करने के लिए  दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

सीसीटीवी फुटेज में एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सोसायटी से अलग-अलग समय पर बाहर निकलते हुए देखा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों में से कोई देबस्मिता पॉल के फ्लैट पर गया था।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास संदिग्ध समय में आने-जाने वाले करीब 180 लोगों की पहचान की थी। इनमें से 167 लोगों से पूछताछ कर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है, जबकि 13 लोगों की भूमिका अब भी जांच के दायरे में है। इनमें नकाबपोश पुरुष और महिला भी शामिल हैं।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, घटना के आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध व्यक्ति चेहरे ढके हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों का हत्या से सीधा संबंध है या वे केवल संयोगवश उस इलाके में मौजूद थे। फिलहाल उनकी गतिविधियों और आवाजाही का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।

पति को पूछताछ के लिए बुलाया गया दिल्ली

पुलिस अधिकारी के मुताबिक शक पर कई लोग है। इसमें उनके पति देव शकर साहनी भी शामिल है। वह भी वेस्ट बंगाल के रहने वाले है। उनको भी पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। वह बेगलुरु में नौकरी करते है। हालाकि हत्या वाले दिन वह बेंगलुरु से बाहर थे। इसलिए उन पर भी शक जताया जा रहा है। 2017 में देवोस्मिता पॉल की शादी देव शंकर साहनी से अरेंज मैरिज हुई थी। उनके तलाक का मामला कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रहा है। चार महीना पहले भी सुनवाई के लिए वह दिल्ली आए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच अधिकारी आसपास के लोगों और संभावित गवाहों से भी पूछताछ कर रहे हैं।

प्रोफेसर की हत्या ने शैक्षणिक जगत और स्थानीय समुदाय में चिंता पैदा कर दी है। मामले में अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के हर पहलू पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जांच में सीसीटीवी और डिजिटल फॉरेंसिक अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे मामलों में संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की कड़ी जोड़ने में तकनीकी साक्ष्य अक्सर निर्णायक साबित होते हैं।

प्रमुख बिंदु

  • डीयू प्रोफेसर हत्याकांड की जांच में दो ‘मास्क मैन’ सामने आए।
  • सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की कोशिश।
  • दिल्ली पुलिस ने जांच और तेज की।
  • डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का लिया जा रहा सहारा।
  • मामले में कई कोणों से जांच जारी।

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