CCTV फुटेज में नोट चुराते दिखा कर्मचारी, राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले नृपेंद्र मिश्र – निगरानी व्यवस्था में उजागर हुईं गंभीर खामियां
अयोध्या, 19 जून् 2026 । अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चंदे की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मंदिर परिसर से जुड़े चंदा चोरी प्रकरण में सामने आए CCTV फुटेज ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। फुटेज में एक कर्मचारी कथित तौर पर नोट उठाते और उन्हें अपने पास रखते हुए दिखाई दे रहा है। इस खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आंख का इलाज कराने केरल गए थे डॉ. अनिल मिश्र
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने डॉ. अनिल मिश्र से मंदिर में काउंटिंग व्यवस्था और वहां तैनात कर्मचारियों के बारे में पूछताछ की। डॉ. मिश्र और चंपत राय के बयानों को क्रॉस चेक भी किया। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच पूरी होने वाली है। आपको बता दें कि डॉ. मिश्र अपनी आंखों के इलाज के लिए केरल गए थे। वह बुधवार को ही लौटे हैं। वह मंदिर में चंदा काउंटिंग व्यवस्था के प्रभारी और ट्रस्ट के तरफ तैनात टीम के नियोक्ता भी हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने स्वीकार किया कि निगरानी व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि दान पेटियों और चढ़ावे की निगरानी के लिए पहले से CCTV कैमरे लगाए गए थे, लेकिन घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि कैमरे मौजूद थे तो चोरी जैसी गतिविधि को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका। इस प्रकरण ने मंदिर प्रशासन की निगरानी प्रणाली, कर्मचारियों की जवाबदेही और दान प्रबंधन व्यवस्था पर व्यापक बहस छेड़ दी है।
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़ी किसी भी अनियमितता को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, अतिरिक्त निगरानी तंत्र की स्थापना और दान प्रबंधन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सुधार किए जाएंगे।